मुस्कुराती हूँ अकेली जब होती हूँ
सोच के उन बातो को
जिनसे कभी दिल दुख करता था
आसू भी गिर आते है
ये सोच कर के की
कितनी नादान थी तब
तब ये अगर पता होता तो,
तो ये आंसू आज यु ना टपकते
फिर सोचा,
सोचा के ये अनुभव भी ना हुए होते
होते तो सिर्फ कुछ नीरस ज़िन्दगी
के बिताये पल
जिन पर ना वजह होती रोने की
न बेवजह हसने की
हरप्रीत