आज यु ही खुद से बाते करने का दिल है
अपने मन की जिद्द पूरी करने का दिल है,
बचपन के दिनों में लौट जाने का दिल है,
बारिश में भीग जाने का दिल है,
अपना मनपसंद गाना गुनगुनाने का दिल है,
हाथो में मेहंदी, आँखों में काजल लगाने का दिल है,
पेरो में पायल पहन नाचने का दिल है,
डायरी में पड़ी पुरानी चीठिया फिर पड़ने का दिल है,
सिरहाने पड़ी उसकी तस्वीर देखने का दिल है,
ज़िन्दगी के बीते हर उद्दास पल पे हसने का दिल है,
आज बस यु ही खुद से प्यार करने का दिल है...
हरप्रीत धंजल